क्या नींबू पानी पीने से बीपी कम होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 16th Dec 2022 : 14:57

नींबू से कंट्रोल हो सकता है बीपी, जानें सेवन के 5 तरीके

Lemon for BP: ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करने के ल‍िए नींबू का सेवन असरदार माना जाता है। जान‍िए 5 तरीके ज‍िनकी मदद से आप नींबू का सेवन कर सकते हैं।
नींबू का सेवन करने से बीपी कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। ज‍िन लोगों को बीपी की समस्‍या होती है, उनका बीपी ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेने, फ‍िज‍िकल एक्‍ट‍िव‍िटी या अन्‍य क‍िसी कारण से अचानक बढ़ जाता है। इसे कंट्रोल करने के ल‍िए नींबू का सेवन एक अच्‍छा तरीका है। नींबू एक तरह का स‍िट्र‍स फ्रूट है। इसका सेवन करने से बीपी कंट्रोल होता है। नींबू का सेवन करने से शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट्स का असंतुलन ठीक होता है। व‍िटाम‍िन सी में एंटीऑक्‍सीडेंट्स मौजूद होते हैं ज‍िससे हाइपरटेंशन की समस्‍या दूर होती है। इस लेख में हम बीपी कंट्रोल करने के ल‍िए नींबू का सेवन करने के 5 तरीके जानेंगे।

1. नींबू का शरबत
नींबू को आधा काट लें। एक ग‍िलास पानी में सेंधा नमक और एक बड़ा चम्‍मच नींबू का रस म‍िलाएं। आप चाहें, तो सामान्‍य या ठंडे पानी से बना नींबू का शरबत पी सकते हैं। बीपी कंट्रोल करने के ल‍िए नींबू का शरबत पीना एक इंस्‍टेंट तरीका है ज‍िससे हाई बीपी को सामान्‍य क‍िया जा सकता है।


2. नींबू और दालचीनी

दालचीनी और नींबू के म‍िश्रण का सेवन करने से भी बीपी कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। दालचीनी में एंटीऑक्‍सीडेंट्स पाए जाते हैं, इससे बीपी कंट्रोल करने में मदद म‍िलती है। दालचीनी पाउडर को नींबू के रस में म‍िलाकर पेस्‍ट बना लें। इसका सेवन, गुनगुने पानी के साथ करें।
3. नींबू और काली म‍िर्च

बीपी बढ़ने पर जल्‍दी काबू पाना है, तो आधा ग‍िलास पानी में काली म‍िर्च का ताजा पाउडर और नींबू का रस म‍िलाकर हर आधे घंटे में प‍िएं। इससे बीपी धीरे-धीरे सामान्‍य हो जाएगा। बीपी को कंट्रोल करने के ल‍िए आप काली म‍िर्च का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। काली मिर्च में पाया जाने वाला पाइपराइन बीपी कंट्रोल करने का काम करता है।

4. नींबू का चूर्ण

हाई बीपी को कंट्रोल करने के ल‍िए नींबू का चूर्ण खा सकते हैं। चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लें। चूर्ण शरीर में जाकर जल्‍दी घुल जाता है और जल्‍दी असर करता है। नींबू का चूर्ण बनाने के ल‍िए सेंधा नमक, काला नमक, म‍िश्री और नींबू के छ‍िलके के पाउडर को म‍िला लें। 2 से 3 घंटे धूप में रखकर पीस लें। साफ कांच की शीशी में भरकर 1 हफ्ते तक इस्‍तेमाल कर सकते हैं। द‍िन में 1 से 2 बार इस चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।
5. तुलसी, नीम और नींबू

तुलसी के पत्ते को पीसकर रस न‍िकाल लें। उसमें नीम की पत्तियों का रस म‍िला लें। फ‍िर उसमें नींबू का रस म‍िलाएं। इस म‍िश्रण का सेवन करने से बीपी कंट्रोल होगा। नीम के पत्तों के एंटीहिस्टामाइन इफेक्ट रक्त वाहिकाओं को पतला करने का काम करते हैं ज‍िससे बीपी कंट्रोल होता है और तुलसी में पाया जाने वाला वोलेटाइल तेल बीपी कंट्रोल करने में मदद करता है।

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